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Anupma Tyagi

Inspirational Others

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Anupma Tyagi

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मेरी जिंदगी

मेरी जिंदगी

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आज जब जिन्दगी खत्म होने को आई

तो लगा कि कुछ जिया ही नहीं ।

जब वक्त खत्म होने को आया

लगा कि किया ही नहीं ।


निकलता चला गया वक्त का धागा हाथ से

क्यूं मैंने कुछ सिया ही नहीं।

मेरे होंठों तक आया प्याला जिन्दगी का

क्यूं मैंने उसे पिया ही नहीं ।


बड़े ग़म दुनिया से लिए, लेके रख लिए

और वापिस दिया ही नहीं ।

ख़ूब सोचा कि कुछ लिखूं

अपने शब्दों को मैंने लिखा ही नहीं ।


ख़ूब सिखाया इस जिन्दगी ने मुझे

पर मैंने कुछ सीखा ही नहीं ।

रही खाली कागज़ सी मेरी जिंदगी,

साफ़ सुथरी पाक जिंदगी,

आज जिऊंगी, कल जिऊंगी

पर अब तक मैंने कुछ जिया ही नहीं I


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