Amrita Singh
Romance Classics
इस चांदनी रात में
दो कदम साथ चल
मेरे हमदम।
इस रात के अंधेरे
सफर मे हमसफर बन
मेरे जीवन का ख़्वाब तू
तू ही है मेरे दिल के रूबरू
मिला कदम से कदम
हलचल
तन्हाई
दशहरा
खुशियां
अधूरे से
तुम्हारी याद
बेटियां
किस्सा
बाल्यपन
बारिश का मौसम
मैं कभी नाप ही नहीं सकता जान-ए-जॉं बेपनाह है तेरा इश्क़ मैं कभी नाप ही नहीं सकता जान-ए-जॉं बेपनाह है तेरा इश्क़
सजा है इश्क़ गर तो भी मगर मंजूर है मुझको चले उस राह पर अक्सर कभी चलना नहीं छोंड़ा।। सजा है इश्क़ गर तो भी मगर मंजूर है मुझको चले उस राह पर अक्सर कभी चलना नहीं छो...
" मैं बरसात में जब भी आऊंगा, तुम्हें प्यार से सराबोर कर जाऊँगा !" " मैं बरसात में जब भी आऊंगा, तुम्हें प्यार से सराबोर कर जाऊँगा !"
ऐसे सुहावने मौसम में ,लेती हूँ ,अंगड़ाई ,तेरी चाहत में। ऐसे सुहावने मौसम में ,लेती हूँ ,अंगड़ाई ,तेरी चाहत में।
फिर अचानक याद आया, जाना वहीं जहाँ तेरे साया फिर अचानक याद आया, जाना वहीं जहाँ तेरे साया
प्यार की बरसती रिमझिम सा पानी प्यार की बरसती रिमझिम सा पानी
तेरे खुशियों में अपनी खुशी को शामिल कर, तेरे खुशियों में अपनी खुशी को शामिल कर,
बचपन में जो तितलियों के साथ खेला करते थे, आज उन्हें याद करके मुझे अच्छा लगता है।। बचपन में जो तितलियों के साथ खेला करते थे, आज उन्हें याद करके मुझे अच्छा लगता...
इस प्यार का बंधन को उम्र भर मै निभाऊंगा एक जन्म तो कम है अगले सात जन्मों तक तेरा हो ज इस प्यार का बंधन को उम्र भर मै निभाऊंगा एक जन्म तो कम है अगले सात जन्मों तक ...
इन्होंने न जाने, ऐसा क्या जादू सा किया ? भीगी पलकें सिर्फ़ तुम्हारे लिए....... इन्होंने न जाने, ऐसा क्या जादू सा किया ? भीगी पलकें सिर्फ़ तुम्हारे लिए.......
दिन की सुबह और शाम लिख दूँ ये दिल अब तेरे ही नाम लिख दूँ। दिन की सुबह और शाम लिख दूँ ये दिल अब तेरे ही नाम लिख दूँ।
काश तुम साथ होती तो कुछ और बात होती। काश तुम साथ होती तो कुछ और बात होती।
हर लम्हा तेरा एहसास है मेरे महबूब, बेशक तू है मुझसे दूर, लिखती रहती हूं ! हर लम्हा तेरा एहसास है मेरे महबूब, बेशक तू है मुझसे दूर, लिखती रहती हूं !
बरसी बारिश तो वो याद आया जैसे कोई बीता लम्हा लौट कर आया। बरसी बारिश तो वो याद आया जैसे कोई बीता लम्हा लौट कर आया।
कुछ कहना था क्या तुमको और वो सुनकर टाल जाता था.. कुछ कहना था क्या तुमको और वो सुनकर टाल जाता था..
खोजती है निगाह अब भी वो समां जिनमें कहीं दर्ज हो तेरा नाम-ओ- निशान। खोजती है निगाह अब भी वो समां जिनमें कहीं दर्ज हो तेरा नाम-ओ- निशान।
तेरा मेरा मिलना अजीब सा लगता है, तेरा मेरा रिश्ता युगो युगो सा लगता है। तेरा मेरा मिलना अजीब सा लगता है, तेरा मेरा रिश्ता युगो युगो सा लगता है।
सजी जिसमें दुनिया हमारी, मैं ख्वाब एकतरफ़ा, सजी जिसमें दुनिया हमारी, मैं ख्वाब एकतरफ़ा,
ये बात उन दिनों की तो कहती हूँ मैं ज़रा। ये बात उन दिनों की तो कहती हूँ मैं ज़रा।
जग छोड आई हूँ तुम्हारे ढिग,गर अहसास है, आओ भी जब,उन रागों के गीत बन जाऊंगी।। जग छोड आई हूँ तुम्हारे ढिग,गर अहसास है, आओ भी जब,उन रागों के गीत बन जाऊंगी।।