STORYMIRROR

Dr Lakshman Jha "Parimal"Author of the Year 2021

Inspirational

4  

Dr Lakshman Jha "Parimal"Author of the Year 2021

Inspirational

“ मेरा रंगमंच और मेरा अभिनय ”

“ मेरा रंगमंच और मेरा अभिनय ”

1 min
311

यह मेरा रंगमंच है

इसमें मेरी ही चलती है

मैं खुद लिखता भी हूँ

कोई नयी बातों का

सृजन करता हूँ

मैं कथाकार भी हूँ

अपनी कहानी गढ़ता भी हूँ

कभी गा लेता हूँ

सुर भी लगा लेता हूँ

अभिनय की भंगिमा को

जीवंत रखने के लिए

अभिनय भी कर लेता हूँ

सब भाषाओं से

मुझे प्यार है

उसे मैं सीखना चाहता हूँ

रंग भेद, क्षेत्रीयता, असहिष्णुता

का समावेश यहाँ वर्जित है

प्यार और शिक्षा को

करते यहाँ अर्जित हैं

अपनी कला को

जगजाहिर करते हैं

इस रंगमंच का मैं ही

सूत्रधार हूँ कथाकार हूँ

मैं ही दिग्दर्शक और

मैं ही कलाकार हूँ

मुझे तनिक भी खेद नहीं

दर्शक कोई हो ना हो

मैं स्वयं ताली पीटता हूँ

कोई पीटने वाला हो ना हो

सब अपनो में व्यस्त

रहा करते हैं

दूसरों की सुध कौन लेता है

यहाँ तो अपनो से ही लोग दूर रहते हैं



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational