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Afsana Wahid writes Wahid

Romance

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Afsana Wahid writes Wahid

Romance

मेरा दिल

मेरा दिल

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तुमसे दिल की बात कहते हुए डरते हैं हम

कहीं तुम मजाक ना समझ लो यह समझते हैं हम

 यूं तो दूर हो तुम हमसे


 फिर भी बहुत नजदीक हो तुम हमसे

अब इस दिल की मुखालफत क्या करें हम

 ना जाने क्यों है यह फिदा तुम पर


आया है जब से यह दिल तुम पर

जीना मुश्किल हो गया है अब हमसे

तुम नहीं वाकिफ हमारे इस दिल से

के कितनी मोहब्बत है हमें तुमसे


हर वक्त दिल को यह आरजू रहती है

हमारी निगाहें कब मिले तुमसे

हुआ है जब से इश्क तुमसे

जीना दुश्वार हो गया है हमसे।


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