Shubhi Agarwal
Abstract
मौसम कुछ बेगाना सा लगता है
पता नही क्यूँ कोई अपना सा लगता है
बारिश की बूंदे आती है जब
तब सबकुछ खुशनुमा सा लगता है।
जिंदगी का खेल
जिंदगी की पहल...
हर कोई एक सा ...
जिम्मेदारियां
माँ शक्ति
क़लम की जुबा
स्त्री
स्त्री होना आ...
मोहब्बत
रंग भेद
सफर जिंदगी का आसान नहीं है ये तो हम सबको पता है, पर क्यों नहीं है? सफर जिंदगी का आसान नहीं है ये तो हम सबको पता है, पर क्यों नहीं है?
एक ही हो किरदार न जाने कितने निभाती हो तुम, एक ही हो किरदार न जाने कितने निभाती हो तुम,
समझदारों की टोली है ये समझते क्या हैं ये जाने। समझदारों की टोली है ये समझते क्या हैं ये जाने।
हर किसी को निरंतर उतार चढ़ाव के दौर से निश्चित मानिए, गुजरना ही पड़ता है, हर किसी को निरंतर उतार चढ़ाव के दौर से निश्चित मानिए, गुजरना ही पड़ता है,
हंसते या रोते हुए जिंदगी को आखिरकार जीना ही पड़ता ही है। हंसते या रोते हुए जिंदगी को आखिरकार जीना ही पड़ता ही है।
वेदों की रचना से भारत की प्रेरणा का सहयोग नारी है वेदों की रचना से भारत की प्रेरणा का सहयोग नारी है
खो दूंगी खुद को गर गुनहगार बन बैठी गुनाहों की दुनिया से पनाहागार कर दे खो दूंगी खुद को गर गुनहगार बन बैठी गुनाहों की दुनिया से पनाहागार कर दे
बहुत बेशर्मी से पेश होने का नमूना दिखाया जाता है। बहुत बेशर्मी से पेश होने का नमूना दिखाया जाता है।
एक बाग में एक दिन एक कली लगी, सुंदर, मनमोहक कली लगी। एक बाग में एक दिन एक कली लगी, सुंदर, मनमोहक कली लगी।
मुसीबत में भी तुम रहो दुख में भी तुम रहो सुख में भी तुम रहो मुसीबत में भी तुम रहो दुख में भी तुम रहो सुख में भी तुम रहो
तुझे पता है इतना सब कुछ फिर जीवित मछली निगल रहा क्यों? तुझे पता है इतना सब कुछ फिर जीवित मछली निगल रहा क्यों?
प्रीत से पागल पना तक पति के पद मर्यादा से आक्रोश तक प्रीत से पागल पना तक पति के पद मर्यादा से आक्रोश तक
धूप-छांव दुःख-सुख सबके ही जीवन, हैं हालात बदलते नहीं कहीं है ठहराव। धूप-छांव दुःख-सुख सबके ही जीवन, हैं हालात बदलते नहीं कहीं है ठहराव।
संघर्षों भरे जीवन से लड़कर समाज सेवा में खुद को झोंक दिया। संघर्षों भरे जीवन से लड़कर समाज सेवा में खुद को झोंक दिया।
चाहे सामने कोई डराने आए, मुस्कुराते रहना। चाहे सामने कोई डराने आए, मुस्कुराते रहना।
लाखों विद्यार्थियों का जीवन बर्बाद कर जाते है लाखों विद्यार्थियों का जीवन बर्बाद कर जाते है
वंश परंपरा को आगे बढ़ता कैसे देख पाओगे? वंश परंपरा को आगे बढ़ता कैसे देख पाओगे?
सत्य शान्ति मैत्री वचन प्रेम से शासन राष्ट्र के यहां सत्य शान्ति मैत्री वचन प्रेम से शासन राष्ट्र के यहां
सुख-चैन, सब से हाथ धो दिया, ऐसा हाल हुआ मेरा, जब से मैंने तुम्हें खो दिया। सुख-चैन, सब से हाथ धो दिया, ऐसा हाल हुआ मेरा, जब से मैंने तुम्हें खो दिय...
अपने पिता से मिलो ना मिलो फॉर्मलिटी करो मिलने का अपने पिता से मिलो ना मिलो फॉर्मलिटी करो मिलने का