Shanti bamaniya
Romance
उनकी मौजुदगी
इतनी असरदार है कि,
दुनिया की हर
साजिशें बिल्कुल बेअसर हैं।
मौजूदगी
इश्क की सरगम
स्वर्ग लोक की थी वो क्रांति, या थी मन की स्वप्नरूपी भ्रांति। स्वर्ग लोक की थी वो क्रांति, या थी मन की स्वप्नरूपी भ्रांति।
अश्रुओं में बह गई वो ख्वाब की कहानियां । मिट नहीं पाईं अभी वो प्यार की निशानियां।। अश्रुओं में बह गई वो ख्वाब की कहानियां । मिट नहीं पाईं अभी वो प्यार की निशान...
सपनों में आना ,आकर के जाना ये न हो हकीकत भले हो फसाना। सपनों में आना ,आकर के जाना ये न हो हकीकत भले हो फसाना।
मधुर गीतों का है संगम सभी रस छंद है तुझमें !! मधुर गीतों का है संगम सभी रस छंद है तुझमें !!
इश्क एहसास है या ख़ुशबू या जुगनू या चिराग इश्क एहसास है या ख़ुशबू या जुगनू या चिराग
हम सफर मेरे साथ चल हर कदम मेरे साथ तू। हम सफर मेरे साथ चल हर कदम मेरे साथ तू।
मेरा आशियाना तेरा दिल भी होगा, मुझे एक नजर से बुलाना तो होगा। मेरा आशियाना तेरा दिल भी होगा, मुझे एक नजर से बुलाना तो होगा।
तू ही है जो हर दर्द को, अपनी गोद में भर लेती है, तू ही है जो हर दर्द को, अपनी गोद में भर लेती है,
कभी लौट आ, फिर से वो सफर हम शुरू करेंगे। कभी लौट आ, फिर से वो सफर हम शुरू करेंगे।
तुझे एक लिखूं या हज़ार लिखूं, तू कहे तो तुझे लाख बार लिखूं। तुझे एक लिखूं या हज़ार लिखूं, तू कहे तो तुझे लाख बार लिखूं।
बस कुछ इसीलिए मुझे प्यारा है मेरे उनका गुस्सा। बस कुछ इसीलिए मुझे प्यारा है मेरे उनका गुस्सा।
क्या इस उम्र के रुकने की है कोई तरकीब ये तारीखों के जाले में जो बंधा है नसीब। क्या इस उम्र के रुकने की है कोई तरकीब ये तारीखों के जाले में जो बंधा है नसीब।
दूरी है पर यूं लगता है मुझे, जैसे हर सांस में तेरी शहनाई हो। दूरी है पर यूं लगता है मुझे, जैसे हर सांस में तेरी शहनाई हो।
भीगी पलकों से गया था वह अलविदा कहकर। भीगी पलकों से गया था वह अलविदा कहकर।
प्रेम का इंतज़ार अपनी दिकु के लिए। प्रेम का इंतज़ार अपनी दिकु के लिए।
अंग कहूँ या संग कहूँ, जब भी कहूँ हर पल कहूँ। अंग कहूँ या संग कहूँ, जब भी कहूँ हर पल कहूँ।
तुम्हारे बिना ये दिल अब कहाँ सुकून पाएगा, हर लम्हा तुम्हारी यादों में ही डूब जाएगा। तुम्हारे बिना ये दिल अब कहाँ सुकून पाएगा, हर लम्हा तुम्हारी यादों में ही डू...
क्या कोई मेरी इस पीड़ा को पहचानेगा कितनी बार प्रभु से विनती करती , क्या कोई मेरी इस पीड़ा को पहचानेगा कितनी बार प्रभु से विनती करती ,
मैं किसी को याद नहीं करता दिल की गहराइयों से। मैं किसी को याद नहीं करता दिल की गहराइयों से।
देखके इन नेत्रों की अनवरत अश्रु की धार देखके इन नेत्रों की अनवरत अश्रु की धार