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Mayank Kumar

Abstract

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Mayank Kumar

Abstract

मैं कौन हूं

मैं कौन हूं

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मैं हूं साकार

या फिर निराकार


मैं हूं दर्शन

या फिर दर्पण


मैं हूं जंगल

या फिर बाजार


मैं हूं किचन

या फिर कमल


आखिर मैं हूं कौन ?

यह वह मैं ही जाने !


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