STORYMIRROR

संजय कुमार

Abstract

3  

संजय कुमार

Abstract

मैं हनुमान

मैं हनुमान

1 min
90


हे मारुति हम तेरे शरण में आए

दूर करो प्रभु कष्ट हमारे

नाम में तेरे है ऐसी शक्ति

तुझ सा नहीं किसी दूजे की भक्ति

दे दो दरस प्रभु आए द्वार तुम्हारे

हम सब हैं प्रभु दास तुम्हारे


नाम भजू कोई कष्ट न आए

हनुमान जब नाम पुकारे

सब के दुःख प्रभु हरत हो आपे

सारा लोग प्रभु आप से कांपे

भूत प्रेत कोई पास न आए

हनुमान जब नाम सुनाए


सियाराम के है आप दुलारे

सारे भक्त प्रभु आप को प्यारे

सारे जग में किया उजियारा

कण कण में है वास तुम्हारा

छण भर में हो काम हमारे

मन से जो प्रभु नाम पुकारें



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract