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JAYANTA TOPADAR

Abstract Drama Action

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JAYANTA TOPADAR

Abstract Drama Action

मैं अभी तक मरा नहीं...!!

मैं अभी तक मरा नहीं...!!

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मैं अब तक चुप बैठा हूँ,

तो इसका ये मतलब कतई नहीं

कि मैं ज़िंदा नहीं हूँ !

अरे, हक़ीक़त तो ये है

कि मैं रणभेरी सुनाने

की तैयारियों में लगा हूँ...!


एक बार ऊपरवाले की

हरी झंडी दिखाने की देर है

और इधर मैं 'वैचारिक रण'

की शुरूआत करता हूँ...!!!

बस मुझे उस

निर्णायक क्षण की प्रतीक्षा है

जब मैं सारी खामियों की

इंट-से-इंट बजा दूँ...!!!


मुझे इस बात का

पूरा इल्म है कि 'कौन'

किसकी 'टाँग' खींच रहा है...

और कौन किसका 'हक़'

मार रहा है...!


अरे, भाई, ये गोरख धंधा तो

लंबे अरसे से

चल रहा है...!!

और हर कोई

समझते हुए भी

नासमझी का

नाटक कर रहा है...


बेशक ये जीवन

एक रंगमंच है

जहाँ शतरंजी चाल चलनेवाले

रहस्यमय लोग बहुत हैं,

जो अपनी निजी स्वार्थ के वशीभूत

खुद को 'ऊंचे पदों' पर आसीन

तथाकथित 'पावरफुल' लोगों के

तलवे चाटने से भी

बाज़ नहीं आते...!!!


और इस दकियानूसी भरी

बेरहम दुनिया में

ऐसे 'गद्दारों' को ही

ज़िंदगी के सतरंगी माहौल में

जी भरकर जीने का,

मानो, लाइसेंस-सा

मिल जाता है...!


हाय री, दकियानूसी भरी दुनिया।।।!!

!


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