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Sudhir Srivastava

Abstract

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Sudhir Srivastava

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मास्क और व्यक्ति

मास्क और व्यक्ति

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आज मास्क

हमारे जीवन के लिए

अनिवार्य सा हो गया है,

जीने के लिए मास्क से

मुँह नाक बंद करना पड़ रहा है।

हे भगवान ये कैसा जमाना आ गया है

आदमी अब आदमी से

दो गज दूर रह रहा है,

फिर भी मास्क के बिना

नहीं रह पा रहा है,

बीमारी का भूत उसे डरा है।

समय का फेर अब तो देखिए

मास्क अब व्यक्ति के

दैनिक परिधान में शामिल हो रहा है,

डरकर ही सही मास्क से

व्यक्ति रिश्ता जोड़ रहा है,

जिंदगी के लिए ही सही

व्यक्ति और मास्क का तालमेल हो रहा 

व्यक्ति व्यक्ति के जीवन में

मास्क का महत्व स्थाई हो गया ।


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