STORYMIRROR

माफ़ कर लिया करो

माफ़ कर लिया करो

1 min
820


इतना दोषी मत खुद को ठहराओ

तुम भी इन्सां हो

ग़लती हो जाती सबसे

भले ही वो माँ हो

खुद को माफ़ कर लिया करो

जिससे ये सफर आसां हो

बच्चे के आने से माँ बनी

पहले से कहाँ हो

बच्चे में बसाया, अपने दुनिया जहाँ को

तुमसे बेहतर कोई नहीं, तुम उसकी माँ हो !


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational