मानवता का दास।
मानवता का दास।
जिस दिन किसी नारी को परेशान देखता,
सच कहता हूँ उस दिन नींद ना आती थी।
बेशक वो मेरी जीवन-साथी परेशान होती,
अंदर से मैं भी बहुत परेशान हो जाता था।
मेरे लिए मेरी माता साक्षात देवी समान है,
मेरी जीवन-साथी और बेटी देवी समान है।
वैसे तो मेरे पास भी कुछ अजीब शक्ति है,
जो हमें इस्तेमाल करने में बड़ा डर लगता।
क्योंकि नहीं हम हक़ीक़त में कोई भगवान,
इंसान हूँ तो थोड़ा शरीफ़ व थोड़ा बेईमान।
अपनी शक्तियों का दुरुपयोग नहीं करूँगा,
जब तक सदुपयोग करना सीख नहीं जाऊँ।
शक्तियों का सदुपयोग करना सीख जाऊँगा,
उस दिन आप सबको सामने आकर बताऊँ।
नहीं हूँ मैं भी कोई भगवान जी का अवतार,
शरीफ़ और पवित्र मानव मानवता का दास।
