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Saraswati Sahu

Classics

4  

Saraswati Sahu

Classics

माँ

माँ

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ज़ब दर्द सारी हद पार कर जाए 

तेरी आंचल की मरहम लगा देना माँ 


जब आंसू न थमने की जिद कर बैठे 

तेरी मुस्कान से उन्हें भगा देना माँ


ज़ब हर जाए तेरी लाडली दुनिया से 

अपनी आंखों मैं मुझे जीता देना माँ 


ज़ब कोई ना आए अपनाने को मुझे 

अपनी गोद में थोड़ा सा जगह देना माँ 


ज़ब भूल जाऊं कभी अपने आपको मैं 

हल्के से मुझको गले लगा लेना मा


धड़कन मेरी जब रुकने को आए 

लोरी सुना के मुझको सुला देना माँ।


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