STORYMIRROR

Shobhit Awasthi

Classics

3  

Shobhit Awasthi

Classics

माँ मैं और मुरारी

माँ मैं और मुरारी

1 min
449

माँ की ममता हम पे प्यारी 

दुनिया में है सबसे न्यारी 

सिंचित करती जीवन की क्यारी 

माँ से महके घर फुलवारी।


ये बात बोले बांके बिहारी 

माँ की महिमा हामी पे सारी 

मैंने कहा सुनो बनवारी 

हर बच्चा है कृष्णा मुरारी। 


और बाला राधा सी प्यारी 

फिर मुझसे बोले गिरधारी 

तू तो ठेहरा कृष्णा पुजारी 

क्यों करता है भूल ये भारी।


हर माँ है यशोदा सी नारी 

धरा पे आके जीवन सँवारी 

प्रेम पुंज से करे उजियारी 

अब कर ये सूचना जनहित में जारी। 


माँ के आगे छोटे त्रिपुरारी 

माँ है स्वयं भगवान अवतारी।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics