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Abhimanyu Jangra

Abstract

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Abhimanyu Jangra

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माँ का प्यार

माँ का प्यार

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भूख तो एक रोटी से भी मिट जाती 

अगर वो रोटी तेरे हाथ की होती। 

तबियत तो एक दुआ से

ठीक हो जाती अगर वो तेरी होती माँ ।।

मैं चुप तो एक डांट से हो जाता

अगर वो डांट तेरी होती ।

चैन से सो तो मैं उसी पल सो जाता

अगर वो पल तेरी गोद में बिताया होता माँ।।

फिर ना गर्मी लगती, ना ठंड़

जब बस तेरा प्यार महसूस होता माँ।।


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