मां का भजन
मां का भजन
जप ले मनवा मां का नाम -२
बन जाएंगे बिगड़े काम। जप ले,,,,,,
आकर जो फैलाए झोली,
जाए कभी ना लौट के खाली,
सबकी इच्छा पूरी करती,
सबकी मईया विनती सुनती,
तेरी भी सुन लेगी मईया
करम तो कर निष्काम -२
बन जाएंगे बिगड़े काम। जप ले,,,,,,
ऊॅंचे पर्वत पर है डेरा,
डगर कठिन देना है फेरा,
नव स्वरूपा दुर्गा शक्ति,
अन्तर्मन से करके भक्ति,
देती है मां सदा सहारा
चढ़ चल जपता नाम -२
बन जाएंगे बिगड़े काम। जप ले,,,,,,
शैलसुता तू ही ब्रह्मचारिणी,
भक्तों के तुम त्रास निवारिणि,
चन्द्रघंटा कुष्मांडा माता,
मोक्षदायिनी मां स्कंदमाता,
चतुर्भुजी कात्यायनी माता,
सबको देती वरदान -२
बन जाएंगे बिगड़े काम। जप ले,,,,,,
कालरात्रि मां शत्रु संंहारिणी,
महागौरी मां दुःख निवारिणी,
सिद्धिदात्री रिद्धि सिद्धि है देती,
भक्ति भाव नवदुर्गा भरती,
कर ले मन से मां का ध्यान,
देती मईया जी अभयदान-२
बन जाएंगे बिगड़े काम। जप ले,,,,,,
