माँ का आँचल
माँ का आँचल
माँ का आँचल था जो वो पलभर में सिमट गया।
ममता के आँचल की वो सुनी गोद बिखर गया।
पिता के प्यार का लाडला आँसुओं में भीगो गया।
निहित करता गौरव जहाँ आज पलभर रुला गया।
दादी की आँख का तारा दुनिया को छोड़ गया।
नम आँखों से ओझल अश्रुपूरित ओझल हो गया।
क्या बीत रही माँ बाप पर जो आज रुला गया।
अश्रुवन सा इक तारा हृदय आँचल का छोड़ गया।
