STORYMIRROR

Raj Dubey

Inspirational

3  

Raj Dubey

Inspirational

लोकतंत्र का दमन

लोकतंत्र का दमन

1 min
334

हाशिये पर पड़े लोकतंत्र को यारों ज़रा पकड़ लो

हिम्मत करो इस बार तो हुक़ूमत की गर्दन जकड़ लो


अब बिक रही वतन परस्ती बुनियादी मुद्दों के दौर में

समझो इस सियासत के व्यापार को और व्यापारी पकड़ लो


ज़मुरियत् है अब बोलती चंद शोहदों की ज़ुबान से

इन मज़हबी खेलों के सब किरदार पकड़ लो


क्यों चूसते हैं सियासत के चौकीदार लहू बेगुनाहों का

है माद्दा अगर तो मुल्क के सब गद्दार पकड़ लो


कोशिश है अगर वतन की सूरत-ए-हाल बदलना

छोड़ो कलम, अब तुम भी इंकलाब की तलवार पकड़ लो



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational