Madan Kumar Gankotiya
Inspirational
आगे सिर्फ वही बढ़ते हैं, जो निरंतर प्रयास करते हैं,
थकते नहीं परिश्रम से, वे अथक प्रयास करते है।
घबराते नहीं परिस्थिति से, डटकर मुकाबला करते हैं,
हर पड़ाव को पार करके वे लक्ष्य को प्राप्त करते हैं।
दिल की राहें
खुशियाँ बटोरत...
जिंदगी की दौड़
इंसान का परिच...
जिंदगी का इशा...
क्या खोया क्य...
अच्छाई और बुर...
जरूरतें
जिंदगी की उलझ...
स्वतंत्रता दि...
आपसी प्रेम और विश्वास के संबंधो को, क्या ,हम सचमुच निभा रहे हैं ? आपसी प्रेम और विश्वास के संबंधो को, क्या ,हम सचमुच निभा रहे हैं ?
ख़ुद से संगति कर लो, ख़ुदी ज़रूरत को समझ लो ख़ुद से संगति कर लो, ख़ुदी ज़रूरत को समझ लो
पाप-पुण्य के चक्कर में पड़कर, क्यों इतना घबराता है, पाप-पुण्य के चक्कर में पड़कर, क्यों इतना घबराता है,
उसी ह्रदय में सदा उन्नति का दीप जलाता हूं ! उसी ह्रदय में सदा उन्नति का दीप जलाता हूं !
पुलवामा के वीर शहीदों को शत-शत प्रणाम। पुलवामा के वीर शहीदों को शत-शत प्रणाम।
बस सुनते आये …. और सुनाते रहे सब को। बस सुनते आये …. और सुनाते रहे सब को।
संस्कार मेरी मिट्टी की वफ़ादारी हैं, सम्मान की सूरत बड़ी निराली हैं ! संस्कार मेरी मिट्टी की वफ़ादारी हैं, सम्मान की सूरत बड़ी निराली हैं !
एक एहसास ही है जो जीने की राह दिखाता है. एक एहसास ही है जो जीने की राह दिखाता है.
भाव मूल्य के आँसू यूँ ही ना बहने दो।। भाव मूल्य के आँसू यूँ ही ना बहने दो।।
दूसरों का दोष निकलने के लिए सब बैठे है आओ खुद का भी दोष निकाले और खुद को सुधारे दूसरों का दोष निकलने के लिए सब बैठे है आओ खुद का भी दोष निकाले और खुद को सुधा...
यह काम निपटा लेते हैं अकेले ही रिश्ते निभा लेते हैं। यह काम निपटा लेते हैं अकेले ही रिश्ते निभा लेते हैं।
जीवन जीने सबके,अपने अलग अंदाज है, कोई खुल के जिए,तो कोई रखता राज है, जीवन जीने सबके,अपने अलग अंदाज है, कोई खुल के जिए,तो कोई रखता राज है,
ऐसे कर्मों से अपने ईश्वर को, बदनाम ऐसे मत करो।। ऐसे कर्मों से अपने ईश्वर को, बदनाम ऐसे मत करो।।
हर नाम के साथ भारत उपनाम होगा हम,भारत के लोग ! हम,भारत के उत्तम लोग ! हर नाम के साथ भारत उपनाम होगा हम,भारत के लोग ! हम,भारत के उत्तम लोग !
सारे जग की मुस्कान है, बेटी बोझ नहीं सम्मान है। अवनि का श्रृंगार है बेटी। सारे जग की मुस्कान है, बेटी बोझ नहीं सम्मान है। अवनि का श्रृंगार है बेटी।
माना अन्दर से टूटी हूँ, बिखरी हूँ। पर फिर भी हिम्मत रखती हूँ. माना अन्दर से टूटी हूँ, बिखरी हूँ। पर फिर भी हिम्मत रखती हूँ.
पर शांति का याद रखना यह गांधी जी का नील चक्र। पर शांति का याद रखना यह गांधी जी का नील चक्र।
मगर अफसोस, जमीं को चांद पसंद आया। मगर अफसोस, जमीं को चांद पसंद आया।
तू जो भी है ख़ुद से है, आज क्या हो, सोचना तुझे ख़ुद है, मगर ये ज़माना तुझ से है, और तू तू जो भी है ख़ुद से है, आज क्या हो, सोचना तुझे ख़ुद है, मगर ये ज़माना तुझ से ...
सोच से संपन्न होता है आदमी ख़ुद में जो विश्वास भरता है आदमी। सोच से संपन्न होता है आदमी ख़ुद में जो विश्वास भरता है आदमी।