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Prachi V Joshi

Abstract

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Prachi V Joshi

Abstract

लिखा जो खत दिल को...

लिखा जो खत दिल को...

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लिखा जो खत दिल को

आवाज़ आयी दिल से।


शुक्रिया बेहिसाब

दिल ने किया मुझको।


मन को हुवी जलन

उसकी ना बुझी अगन


दिल ने दी दुआ

कहा में अकेला नहीं


मेरे मालिक तेरी सारी दुआ

खुदा कबूल करे।


दिल हुआ खुशहाल

अब मन की बारी है।


लिखा जो खत मन को.......



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