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Prachi V Joshi

Abstract

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Prachi V Joshi

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"चाशनी सी मीठी यादें"

"चाशनी सी मीठी यादें"

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कुछ यादें ऐसी होती है जैसे दिल में चाशनी घुल गई हो

कुछ बाते ऐसी होती है जैसे हलवाई चमचा हिला कर हलवा बना रहा हो।

कुछ रिश्ते ऐस होते है जैसे करेले की मिठाई और उपर शक्कर का ढेर।

और ज़िन्दगी का तो क्या कहना जैसे

जलेबी जैसी एकदम सीधी

ऐसे में मधुमेह हो भी तो क्यूं ना हो

जिंदगी बितानी आसन है पचानी काफी कठिन।


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