लिख के मिटा दिया
लिख के मिटा दिया
लिख के मिटा दिया,
हर ख़्वाब जो कभी
देखा था,
क्यूँ ऐसा किया
खबर नहीं
बस मिटा दिया।
लिखो वो जो दिल में है,
जो मिटाने की चाह से भी
मिटा ना सके,
लिखो वो जो मन में है,
जो चाह कर भी कोई
भुला ना सके,
लिखो वो जो ख़्वाब
देखते हो,
जो आँखों से कोई
हटा ना सके।
लिख के मिटा दिया,
ऐसा क्या था जो दिल ने
चाहा था,
अपनी खव्हिशों को
लिखना
बुरी आदत तो नहीं,
हर ख़्वाब पूरा हो ये
जरूरी नहीं,
मगर लिख के मिटा देना
अच्छी बात नहीं।
अधूरा इश्क़ हो या
अधूरे ख़्वाब,
अधूरी ख्वाहिशें हो या
अधूरे जज्बात,
लिखो जरूर अपने
दिल की हर बात को,
वो अधूरी तमन्नाओं को,
वो अधूरे राज़ को,
क्यूंकि यही है जो
आपको बनाते हैं,
क्यूंकि यही है जो
आपकी कहानी बताते हैं।।
