लौट के आ रे दिल के पपीहा
लौट के आ रे दिल के पपीहा
ओ... तेरी गली से गुजरते हुए
देखा है मैंने, जबसे तुझे
ओ, दिल हार बैठा हूँ
दीवाना हुआ हूँ।
कैसे बताऊं मैं
क्या हो गया हूँ
कैसे कहूँ मैं
खुद की खबर नहीं।
देखा है मैंने, जबसे तुझे
दिल हार बैठा हूँ
दीवाना हुआ हूँ
तेरे ख्यालों में
डूबा हुआ हूँ।
दिल का करार मेरे
लूट के चल दिए
सुन बेवफा तू
कहाँ है पता दे
जब से गयी है ओ
दूर तू मुझसे
चैन भी खोया है।
नींद भी गुम है
हरजाई सजनी
मेरी सुन ले
दिल की गली में
फिर लौट के आ
करे इंतजार तेरा
दिल बेकरार मेरा।
लौट के आ रे
दिल के पपीहा
ओ तेरी गली से गुजरते हुए
देखा है मैंने, जबसे तुझे
ओ, दिल हार बैठा हूँ
दीवाना हुआ हूँ।

