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Ratna Kaul Bhardwaj

Abstract

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Ratna Kaul Bhardwaj

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लाल बत्ती

लाल बत्ती

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यह संसार है घर 

समस्याओं का और 

यह जीवन एक सफर 

चलते चलते जब कभी 

थक जाते हैं यह कदम 


कुछ पल "लाल बत्ती " 

की भांति आते हैं 

और कह जाते हैं कि 

ए इंसान कुछ पल 

कुछ देर ज़रा ठहर 

ज़रा थम 


कुछ प्रतीक्षा कर 

हौसला बड़ा 

धैर्य न खो 

कोशिश न छोड़ 

समय बदल जायेगा 

सूरज फिर उग आएगा 


"लाल बत्ती निरंतर 

नहीं ठहरती 

विधि का  

विधान हैं यह 

हरी बत्ती फिर 

जल उठेगी  

नई उम्मीद फिर जगेगी 

ज़िन्दगी आगे फिर चलेगी।


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