क्यूँ है ?
क्यूँ है ?
इस साल का फाल्गुन मास ,
दर्द से भरा क्यूँ है ?
रँग - बिरंगी होली में ,
बेरँग सा क्यूँ है ?
क्यूँ हिंसा अपनी चरमसीमा पर ,
त्योहार के आने से पहले हो रही ,
क्यूँ धर्म के नाम पर ,
मानव की मति खो रही ?
क्यूँ लोग रंगों को छोड़ अब ,
लहू का रँग लगाने लगे ?
क्यूँ ये नेता आम जनता को लड़वा ,
अपनी दुकान चलाने लगे ।
होली का पर्व भाईचारे का प्रतीक है ,
इसमे किसी की ना हार ना जीत है ,
वर्ष में एक बार इसे दिल से मना लो ,
दर्द के नहीं सब खुशियों के गीत गा लो । ।
