कवियत्री
कवियत्री
में एक कवियत्री हूँ.. या नहीं मुझे पता नहीं..हा पर दिल से दिल तक लिखने का मन करता हैं..वही विचार आप सबके सामने लिख देती हूँ!
वैसे तो हर कोई कविता लिखता है..हर एक के दिल में अपने जज्बात होते..है..उन जज्बातों में किसी के किस्से कहानी होती हैं!
अपने दिल की बात किसी से कहना है..या किसी को कुछ समझाना हैं..या प्रेमी अपने दिल की बात कविता के माध्यम से अपनी प्रेमिका को कविता का एक अच्छा माध्यम हैं!
किसी ने सच्चे दिल को आहट पहुंचायी तो अपना ददऀ कविता के रूप में वयक्त करना!
कविता किस पर नहीं है..
में एक कवियत्री..अपने कलम से..
अपने आचार-विचार-सदाचार..
लिखकर बया करती हूँ..
यहाँ बच्चों पर कविता..बड़ों पर ...
प्रेमी-प्रेमिका पर.भाई-बहन ..पति-पत्नी पर...
काका-दादा -मामा पर ...
बाई पर...माई पर...घरवाली पर.।।
फूलों पर --झाड़ियों पर ..हरीभरी पतियों पर!
हरयाली पर वनमाली पर!
फूलों की खुशबू से लेकर जंगल की गहराई तक!
हर एक पर कविता हैं..
हर एक के दिल की हर एक के मन की..
सब अपने अपने हिसाब से लिखते हैं!
आज एक कविता world day केे दिन केे लिए..
सभी कवि -कवियत्री को मेरी ओर से शुभकामनाएं
कुछ अनकही सी बाते..
कुछ अधूरी यादेॱ..
इस तरह मेरे दिल को छू गयी...
मेरे दिल की किताब आरजू बन
आज मेरी ही कविता बन गयी!
मन के भाव मन की बातें..
कुछ अनकही सुलझी सी रातें!
तन्हाई का आलम..बावरा मन;
ख़ामोशी सा हैं.. ये समा सावन!
अंधेरी बातें अंधेरी यादे..
हर एक लम्हें की बेहतरीन यादें.
कैसे ना बया करे दिल की रागिनी..
मौसम की खूबसूरत रंगीन नजारे!
दिले दिल गुलजार मेरा;
सलामत रहे.. मेरा हमेशा...
कागज कलम तलवार
आज है..पोयिटॗी डे.वार!
कविता का कारवाँ
कविता का दरबार
मेरी कविता का सारवार;
यही है..जीवन का कारभार !
