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Rajesh Nayak

Romance


5.0  

Rajesh Nayak

Romance


कुछ ना कहेंगे

कुछ ना कहेंगे

1 min 283 1 min 283

जलते दीये रहते थे

और रहेंगे 

सितम ढा लो हम

कुछ ना कहेंगे 


इसी गुंजाइश में

हर एक ख़्वाहिश में


कि तराना इस दिल का

सारी रुकावटों को भेद देगा 

और नज़राना वो तिल

अनदेखी करवट अभेद लेगा 


हम जो करते थे वो

करते रहेंगे 

सितम ढा लो हम

कुछ ना कहेंगे 


एक नई आज़माइश में 

उस नूर की नुमाइश में


जैसे बिताते थे कल उसी

तरह आज भी खेद रहेगा 

अनुवादन तुम्हारा ही

पहले अनुच्छेद में रहेगा 



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