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Rajesh Nayak

Romance

5.0  

Rajesh Nayak

Romance

एहसास हो पाता

एहसास हो पाता

1 min
386


वो राह पर रुके हैं हम जहाँ कोई नहीं आता 

चाहे प्यार हो पुकार हो या हो जन्मों का नाता 


हर कतरा हमारी रुह का तेरे ही गीत गाता 

दिल ये तेरी यादों में जागता और सो जाता 


सेकंड भी लगे सैकड़ों साल जब वक्त गुज़र जाता 

लम्हा बीते कल का हमे हर बार काटें चुभाता 


तुम गुजरी हो सामने से ऐसा आभास हो जाता 

ये झाँकी भी एक भ्रम है ये कौन बता पाता 


वो दूर है मुझसे बहुत जो मेरे मन को भाता 

हमे जो अहसास है अभी काश तुम्हें भी हो पाता 


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