STORYMIRROR

Priya K

Romance

4  

Priya K

Romance

कुछ दिन की

कुछ दिन की

1 min
96


कभी उनकी हसी

कभी उनकी खमोशी

हाथ लागी तो बस 

कुच दीन की यह खुश किस्मतगी


कभी उनकी कशिश 

कभी अनकी तहजीब

हाथ लागी तो बस 

कुच दीन की ये शिद्दत


कभी उनकी हिचकहिचाहत

कबि उनकी गुदगुदति मसूमियत

हाथ लागी तो बस 

कुच दीन की ये भोली शरारत


कभी अनकी शर्मायी नज़र

कभी अनखी बेहकी सी अदा

हाथ लगी तो बस 

कुछ दिन की यह वहेम


कभी उनकी दुरी का साज़ा

कभी उनके क़रीब आने का ड़र्र

हाथ लागी तो बस

कुछ दिन की ख़्वाब सी हक़ीक़त।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance