कृपया ध्यान दें...!!!
कृपया ध्यान दें...!!!
इस संसार में इंसानों के मद्देनज़र
दो पहलू हैं -- "स्वार्थ" और "निस्वार्थ"!
कुछ लोग "निजहित" को
बुलंद करने में "माहिर" हैं
और कुछ लोग "परहित" में
स्वयं को "धन्य" मानते हैं।
ये अपने-अपने "उसूल" की बात है...।
सबके अपने-अपने "कर्म" हैं...;
सबकी अपनी-अपनी "नियति" है।
मगर ये याद रखना ज़रूरी है
कि ज़िन्दगी एक "पाठशाला" है,
"बाज़ार" नहीं ।
