STORYMIRROR

आनन्द बल्लभ

Inspirational

3  

आनन्द बल्लभ

Inspirational

करनी का फल

करनी का फल

1 min
58


करनी फल मिलता सखे, जल्दी या कुछ देर।

निंदा, ईर्ष्या त्याग कर, राम सुमिरनी फेर।

राम सुमिरनी फेर, सिन्धु से तर जाएगा।

कर ले सच्चे काम, फूल सा खिल जाएगा।

कहे मूढ़ आनन्द, देह मिट्टी की बरनी।

गल जाये इक रोज, सदा शुभ कर लो करनी।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational