कोरोना का कहर
कोरोना का कहर
हम पंछी इस खुले आसमान के,
क्या पिंजरे में बंद रह पाएंगे?
किसने सोचा था, एक वायरस से
घरों में लौक हो जाएंगे।
शुरू हुआ ये चीन से,
फैला पूरे विश्व में।
छूने से ये फैलता है,
बारह घंटे ये रहता है।
संभल जाओ, सुधर जाओ,
घरों में कैद हो जाओ।
अपने आप को क्वोरंटाइन करके,
खुद को और देश को बचाओ।
आओ सब मिलकर प्रण लें,
सेनटाइज़र और मास्क इस्तेमाल करें।
सामाजिक दूरी बनाकर,
इस महामारी पर विजय पाएं।
