त्यौहार ऐसा भी ......
त्यौहार ऐसा भी ......
1 min
150
वह खुशियों की सौगात,
जो आती है दोस्तों के साथ,
फीका पड़ गया इस बार,
हर उत्सव हर त्यौहार।
वह दीवाली की फुलझड़ियां, वह होली मिलन,
वह नवरात्रि का डांडिया, वह रावण दहन,
याद आते हैं मुझे, वह त्योहारों के रंग,
याद आते हैं मुझे, वह त्योहारों के रंग।
वह नए साल की खुशियां, वो ईद में गले मिलना,
वह गणेशजी की पूजा, माँ दुर्गा की सेवा,
याद आते हैं मुझे, वह त्योहारों के रंग,
याद आते हैं मुझे, वह त्योहारों के रंग।
न जाने कब वह अच्छे दिन वापस आएंगे,
बेफिक्र होकर फिर से, त्योहारों को हम,
हर्ष और उल्लास से मनाएंगे,
हर्ष और उल्लास से मनाएंगे।
