STORYMIRROR

Bhoop Singh Bharti

Abstract

2  

Bhoop Singh Bharti

Abstract

कोरोना बनाम हाबू

कोरोना बनाम हाबू

1 min
173

हाबू आया  देस म्ह, साँसत म्ह सै जान।

जान सै तो जहान सै, सुण लो देकै ध्यान।

सुण लो देकै ध्यान, यो हाबू दिखै कोनी।

घर म्ह ठीक बचाव, कदे होज्या अनहोनी।

कहै 'भारती' खोफ़, जगत म्ह सारै छाया।

कोरोना  सै  नाम, अरै जो हाबू आया।


         

 

 



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract