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Rashid Akela

Abstract

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Rashid Akela

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कोई किसी का हाल नहीं समझता

कोई किसी का हाल नहीं समझता

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 बुला ले अपने पास ऐ ख़ुदा!

कोई किसी के दिल का हाल नहीं समझता यहाँ।


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