Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer
Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer

Kranti Shelar

Abstract Inspirational

2  

Kranti Shelar

Abstract Inspirational

कन्या

कन्या

1 min
101



सब बोलते हमें चाहिए एक कन्या 

पर मन में भाव रहता पहला चाहिए बेटा... 


औरत होते हुए मन में कन्या के प्रति नफरत

जब चिराग नहीं मिलता तब वही करती है कन्या से नफरत...


बचपन से उसे पराया धन माना जाता 

बड़े होते ही वही पराया धन माँ-पिता कि ज्यादा सेवा करता... 


सबसे ज्यादा अपनापन उसी में होता है

ये हमेशा वो दूर जाती है तब पता चलता है.... 


पर उस हर एक कन्या को अब उठना होगा 

अपनी स्वप्नों को मेहनत से सजाना होगा.... 


हर एक स्त्री का करो आदर

फिर आपका भी नहीं होगा उससे अनादर..... 


कन्या दिन की आप सभी को शुभकामनाएँ। 

(27 सित्मबर)




Rate this content
Log in

More hindi poem from Kranti Shelar

Similar hindi poem from Abstract