Ila Naren
Abstract Inspirational
मैं बोलती थी
और कोई भी नहीं
सुनता था मुझे।
मैं कलम हो गई
और अब
सब सुन रहे हैं मुझे।
कलम
मंदिर में सावन माह और महाशिवरात्रि पर बड़ी संख्या में भक्त आते हैं और पूजन-अर्चन करते मंदिर में सावन माह और महाशिवरात्रि पर बड़ी संख्या में भक्त आते हैं और पूजन-अर्चन...
"मतंग के राम" का आभार धन्यवाद कर रहे हैं जय श्री राम का जयघोष कर रहे हैं। "मतंग के राम" का आभार धन्यवाद कर रहे हैं जय श्री राम का जयघोष कर रहे हैं।
पर हम तुम्हें विवश भी नहीं कर रहे हैं लेकिन पूरे अधिकार से ये बात कह रहे हैं पर हम तुम्हें विवश भी नहीं कर रहे हैं लेकिन पूरे अधिकार से ये बात कह रहे हैं
पीड़ा भरे दिन के बाद वो सुहानी रात होती है। पीड़ा भरे दिन के बाद वो सुहानी रात होती है।
मेरी फरियाद पर भी तनिक तो ध्यान दे दो। मेरी फरियाद पर भी तनिक तो ध्यान दे दो।
कोई कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है जो अभी भी इज्ज़तदार है, लाचार वही है। कोई कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है जो अभी भी इज्ज़तदार है, लाचार वही है।
"हम भी आपके साथ कॉफी और समोसे खाना चाहते हैं। "हम भी आपके साथ कॉफी और समोसे खाना चाहते हैं।
आज शायद हर कोई इस रिश्ते से मुक्त एक दोस्त ढूंढता है.... जो जिम्मेदारी से मुक्त हो ! आज शायद हर कोई इस रिश्ते से मुक्त एक दोस्त ढूंढता है.... जो जिम्मेदारी से मुक...
जिसने करी मेहनत, वो तो किस्मत को भी हरा जाता है। जिसने करी मेहनत, वो तो किस्मत को भी हरा जाता है।
इस संपूर्ण जनमानस के प्रणेता को तो अवश्य प्राप्त कर पायेगा। इस संपूर्ण जनमानस के प्रणेता को तो अवश्य प्राप्त कर पायेगा।
राम की ही विरह अग्नि में तपा मैं राम को ही हृदय में धारण किए अब जा रहा सुरधाम को... राम की ही विरह अग्नि में तपा मैं राम को ही हृदय में धारण किए अब जा रहा सुरधा...
इसलिए दिल से कहते हम पर पूरा तुम विश्वास रखो। इसलिए दिल से कहते हम पर पूरा तुम विश्वास रखो।
परमात्मा को भी उसके समीप आना पड़ गया। परमात्मा को भी उसके समीप आना पड़ गया।
सावन माह में सुबह से लेकर रात तक आसपास के जिलों से भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। सावन माह में सुबह से लेकर रात तक आसपास के जिलों से भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती...
वहीं दूसरे के लिए उस के मुक़ाबले दूसरी हर चीज़ हर बात ज़्यादा ज़रूरी होती है... वहीं दूसरे के लिए उस के मुक़ाबले दूसरी हर चीज़ हर बात ज़्यादा ज़रूरी होती है...
दशकों से जो झेला इनको इन्हें अच्छा सबक सिखायेगी। दशकों से जो झेला इनको इन्हें अच्छा सबक सिखायेगी।
और ये सम्मान और लिहाज की दीवारें इतनी बड़ी हो चुकी है कि इनसे पार पाना लगभग नामुमकिन हो और ये सम्मान और लिहाज की दीवारें इतनी बड़ी हो चुकी है कि इनसे पार पाना लगभग नामु...
प्राप्ति एक साथ तो शायद मेरी दृष्टि में सम्भव नहीं हो सकते। प्राप्ति एक साथ तो शायद मेरी दृष्टि में सम्भव नहीं हो सकते।
तुम्हारी अनुपस्थिति तुम्हारी अनुपस्थिति
सच्चे मन से जो पूजे उनको मिलता मनचाहा वर है ! सच्चे मन से जो पूजे उनको मिलता मनचाहा वर है !