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SNEHA NALAWADE

Abstract

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SNEHA NALAWADE

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किस्मत...

किस्मत...

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इंसान चाहता क्या है

उस अंत में क्या मिलता है

यह कोई बता नहीं सकता

ना मैं और ना आप


इसका जवाब सिर्फ उसके पास है

जिसने यह दुनिया बनाई है

यहा सही पडा आपने "भगवान "

वही आपको दुनिया में लाता है


और दुनिया से उठा कर ले जाता है

कब क्या होगा इसका कोई अंदाजा नहीं है

हर कोई अपनी किस्मत खुद लिखना चाहता है

यह जानते हुए भी यह मुमकिन नहीं पर फिर भी


शायद अपने मन की तसल्ली के लिए

किसी के पास बहुत पैसा होता है

जो उसे विरासत में मिलता है

पर किसी के जीवन में गरीबी लिखी होती है


उनकी जेब फटी की फटी ही रहती है

चाहे आप कुछ भी कर लो

कुछ हासिल नहीं होता

किस्मत हाँ आखिर।


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