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Tanha Shayar Hu Yash

Abstract

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Tanha Shayar Hu Yash

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किरदार

किरदार

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एक तनहा ही नाम जंचा

मेरे किरदार को

आईना देखा तो पाया तू

अकेला किरदार जहाँ में ऐसा है ।


गुरुर अपने किरदार पर ही है

मुझको बाकी कोई कितना ही

अपना हो पराया निकला ।


अपने आप के लिए ही जीने वाले

किरदारों को देखा है मैने

मेरी तो ये ही कहानी थी

ये ही सबक भी था ।



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