STORYMIRROR

Sumit. Malhotra

Abstract Romance Action

4  

Sumit. Malhotra

Abstract Romance Action

खंडहर हुई यादें

खंडहर हुई यादें

1 min
346

सुनिए खंडहर हुई यादें तेरे प्यार में, 

वीरान हो गई ज़िन्दगी तेरे प्यार में। 


दिल नादान मासूम खंडहर है हुआ, 

प्यार का पत्थर निकले बुनियाद से। 


हमारी क़िस्मत में तुम्हारी यादें बची, 

तुम्हें लेकर गया साथ कोई परदेसी। 


मिल जाएगी रिहाई तुम्हारी याद से, 

जीते जी तो मुमकिन नहीं लगता है। 


तुम्हारी मोहब्बत हमें बर्बाद कर गई, 

तुम हो गई आबाद हमें बर्बाद करके। 


यादों की बस्ती बिल्कुल वीरान पड़ी, 

यादों की बस्ती में तेरी बची यादें रही। 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract