सुरशक्ति गुप्ता
Abstract
मुद्दतों की रहमतों पर एक
सरफरोश की तमन्ना बाकी है
बाकी कुछ अब नहीं
बरकतों की स्याह में खुद को
नीलाम करती खाकी है।
आत्मीय कंपन
प्यार
प्रेम संदेश
नवरात्रै
रंगोत्सव
श्रीराम
विश्व हिंदी द...
एकान्तता
सर्वश्रेष्ठ उ...
धड़कनें दिल की भी सुना कीजिये शौक को दिल में ज़ग़ह दीजिये। धड़कनें दिल की भी सुना कीजिये शौक को दिल में ज़ग़ह दीजिये।
जीवन को आकार, हमारी माँ ही सृजनहार। जीवन को आकार, हमारी माँ ही सृजनहार।
वो जिसके भीतर आज कुछ सुख रहा है अपनों की दूरी से जो टूट रहा है पर फिर भी ज़िम्मेदारी को ज़रूरत ... वो जिसके भीतर आज कुछ सुख रहा है अपनों की दूरी से जो टूट रहा है पर फिर भी ज़...
इस कंक्रीटों के जंगल के बाशिंदे जिसे हम सभ्य और शहरी कहते है, अपनी कभी न ख़त्म होने वाली प्यास को ... इस कंक्रीटों के जंगल के बाशिंदे जिसे हम सभ्य और शहरी कहते है, अपनी कभी न ख़त्म...
औरों में हजारों, मगर खुद में एक भी कमी नज़र न आई। औरों में हजारों, मगर खुद में एक भी कमी नज़र न आई।
मैं रच नहीं सकती अपने शब्दों में भी उस रचना को जिसने मुझे रचा है। मैं रच नहीं सकती अपने शब्दों में भी उस रचना को जिसने मुझे रचा है।
एक घोंसला बनाते हैं जिसमें एक छोटी सी चिड़िया रहती है जो समझती है, हर तिनके को जानती ... एक घोंसला बनाते हैं जिसमें एक छोटी सी चिड़िया रहती है जो समझती है, ह...
मत सोच कि तू चूक गया मत मांग किसी से भीख, दया बढ़ते जा, बढ़ते जा बाधाओं से लड़ते जा नहीं... मत सोच कि तू चूक गया मत मांग किसी से भीख, दया बढ़ते जा, बढ़ते जा बाधाओं...
जिसकी कोख में सृजन हुआ वही हैं भाग्य विधाता। जिसकी कोख में सृजन हुआ वही हैं भाग्य विधाता।
इस दोज़ख में वो एक जन्नत है, तू मेरी पहली मुहब्बत है। इस दोज़ख में वो एक जन्नत है, तू मेरी पहली मुहब्बत है।
चलो तुमको ले कर चलते हैं, उस जहाँ में जब न होते थे ये, छल, कपट, चोरी, बलात्कार और भ्रष्टाचार, ... चलो तुमको ले कर चलते हैं, उस जहाँ में जब न होते थे ये, छल, कपट, चोरी, बलात...
तप रहे किरणों से सूरज की फिर भी निश्चल मुस्करा रहे गाथा अटूट प्रेम की अपनी बता रहे फूल सूरजमुखी ... तप रहे किरणों से सूरज की फिर भी निश्चल मुस्करा रहे गाथा अटूट प्रेम की अपनी ब...
लेखक का महत्व वहीं समझ सकते हैं जिन्हें किताबों से स्नेह और खिंचाव हो। लेखक का महत्व वहीं समझ सकते हैं जिन्हें किताबों से स्नेह और खिंचाव हो।
नर की नारायणी है मां सेवारत रहते जो, जीवन जाता संवर। नर की नारायणी है मां सेवारत रहते जो, जीवन जाता संवर।
एक झील मेरे मन की कुछ गहरी ,कुछ ठहरी सी याद मुझे जब आती , है तेरे बचपन की मेरी आँखों मे... एक झील मेरे मन की कुछ गहरी ,कुछ ठहरी सी याद मुझे जब आती , है तेरे बचपन क...
वही असली शिक्षा कहाँ गुरु शिष्य प्रणाली की वो पवित्र परम्परा कहाँ आज इस रिश्ते को कलंक ... वही असली शिक्षा कहाँ गुरु शिष्य प्रणाली की वो पवित्र परम्परा कहाँ आज इस...
कुछ लोग तो होंगे सफर में ऐसे भी, जो दूसरों का बोझ अपने सर उठाते हैं। कुछ लोग तो होंगे सफर में ऐसे भी, जो दूसरों का बोझ अपने सर उठाते हैं।
आसमाँ में कूची ले, रंग भर नहीं सकता। आसमाँ में कूची ले, रंग भर नहीं सकता।
माँ तुम्हारे आँचल में मिल जाता है सारा संसार। माँ तुम्हारे आँचल में मिल जाता है सारा संसार।
मैंने अपने आपको उनकी खुशियाँ जीते देखा। मैंने अपने आपको उनकी खुशियाँ जीते देखा।