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Sonnu Lamba

Abstract

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Sonnu Lamba

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कह दीजिए ना

कह दीजिए ना

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अब जबकि मौत पूरे 

तामझाम के साथ घूम रही है 

धरती पर !


कुछ कहना है किसी से, 

तो कह दीजीए ना 

अनकही बाते सुई सी चुभती हैं! 


सांसो का क्या भरोसा, 

जीवन काले सायो से घिरा है 

मन्नतों के धागे, प्रेम से बांधने होंगें ! 


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