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yogesh verma

Abstract Tragedy

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yogesh verma

Abstract Tragedy

जलता आंसू

जलता आंसू

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जलता आंसू रोता कैसे

कांटा फूलों में सोता कैसे


तुम बिन हम तुम होता कैसे

सब मिल जाए कभी होता ऐसे। 


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