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Karishma Gupta

Abstract

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Karishma Gupta

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जिंदगी

जिंदगी

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तू अपनी भी है

परायी भी,


तू आसान भी है

मुश्किल भी,


तू अच्छी भी है और

थोड़ी बुरी भी,


जिंदगी तू अजीब है

तुझसे नफ़रत भी है,

और प्यार भी।


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