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Indu Kothari

Inspirational

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Indu Kothari

Inspirational

जिंदगी का भरोसा नहीं

जिंदगी का भरोसा नहीं

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जिंदगी का कोई भरोसा नहीं

कब ये सांसों की डोर टूट जाये

किया वादा जो साथ जीने का 

वह न जाने कब साथ छूटे जाये


 फ़िक्र मत करो कभी कल की

 नहीं भरोसा यहां, एक पल का

 था घमंड जिस पे कभी रावण को 

आज़ जल गई वह सोने की लंका 


समय से जिम्मेदारियां पूर्ण कर लो

थोड़ी सी खुशियां, मुट्ठी में भर लो 

इस क्षणिक जीवन का क्या भरोसा

मनभावन जीवन बगिया संवार लो


सूने पड़े हैं बड़े-बड़े महल भूपों के

कौन? सदियों तक जिया है यहां

करके इस धरा पर भीषण तबाही

आज़ वे चक्रवर्ती सम्राट हैं कहां ?



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