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Shaurya Parmar

Abstract

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Shaurya Parmar

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जिंदगी है।

जिंदगी है।

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मृत्यु है,

तो जनम भी होगा,

मुसीबतें है,

तो रहम भी होगा,


जश्न है,

तो मातम भी होगा,

जख्म है,

तो मरहम भी होगा,


प्यार है,

तो सितम भी होगा,

जिंदगी है,

कभी ज्यादा,

तो कम भी होगा।


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