Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

syed azhar sajjad

Abstract


4.9  

syed azhar sajjad

Abstract


ज़िन्दगी भर जो इंतज़ार किया

ज़िन्दगी भर जो इंतज़ार किया

1 min 83 1 min 83

ज़िन्दगी भर जो इंतज़ार किया,

मैंने जी भर के तुझे प्यार किया।


ख्वाब मुझको जो कभी आता था,

तूने उसको भी तार-तार किया।


जिससे हमको नहीं गुजरना था,

हमने उसको ही बार-बार किया।

 

अब मुझे मौत भी नहीं आती,

तूने जीना भी है दुश्वार किया।


Rate this content
Log in

More hindi poem from syed azhar sajjad

Similar hindi poem from Abstract