SHA AZAM SIDDIQUI
Inspirational Others
जिंदगी अधूरी है जब से
घर छोड़ आये है
यहां जी नहीं लगता
मगर अपने जी से
घर कहाँ चलता है
बस अपने अपनों के लिए आये है
खुद के सपनों के लिए नहीं
अपने अपनों के सपनों को पूरा करने आये है
जिंदगी अधूरी ...
निगाहों से
इश्क़ था या था...
कैसी है ये ज़ि...
ज़ख्मे दिल
आज के इस मोड़ ...
बात हो दिल लग...
।तुम बस इतना करो कि खुद को ऐसे लोगो के लिए मत बदलो। ।तुम बस इतना करो कि खुद को ऐसे लोगो के लिए मत बदलो।
सत्ता बदली हाकिम बदला बदला सारा मिजाज है। सत्ता बदली हाकिम बदला बदला सारा मिजाज है।
दक्षता आती है ,हर पल मनोयोग से,या संजोग से? दक्षता आती है ,हर पल मनोयोग से,या संजोग से?
खंडित हो बिखरा ये देश, दुर्भाग्य हमारे अपने छूटे, खंडित हो बिखरा ये देश, दुर्भाग्य हमारे अपने छूटे,
राम मंदिर में बसो न बसो मेरे ह्रदय में बस जाओ। राम मंदिर में बसो न बसो मेरे ह्रदय में बस जाओ।
हो सकता है जीवन में, आए कभी समय बहुत कठिन। हो सकता है जीवन में, आए कभी समय बहुत कठिन।
अच्छा बताओ, क्या जायेगा अगर कोशिश की तो? अच्छा बताओ, क्या जायेगा अगर कोशिश की तो?
"शांत हो जाओ! बड़ी भाभी ने इस घर के लिए बहुत त्याग किया है। "शांत हो जाओ! बड़ी भाभी ने इस घर के लिए बहुत त्याग किया है।
यही इस तूफ़ान का मकसद था ,यही सार था ज़िन्दगी का। यही इस तूफ़ान का मकसद था ,यही सार था ज़िन्दगी का।
असत्य पर हो गई,सत्य की जीत अच्छाई ने दिया था,बुराई को पीट. असत्य पर हो गई,सत्य की जीत अच्छाई ने दिया था,बुराई को पीट.
तुम्हें देश की ऐसी विरांगना के बारे में बताते। तुम्हें देश की ऐसी विरांगना के बारे में बताते।
मैं भी हूँ एक बेटी का बाप, फिर भी गर्व से वो बताता होगा। मैं भी हूँ एक बेटी का बाप, फिर भी गर्व से वो बताता होगा।
जहाँ जन्नत मिलती है….. बस माँ के उन चरणों को स्पर्श करो। जहाँ जन्नत मिलती है….. बस माँ के उन चरणों को स्पर्श करो।
पानी है सफलता जो तुमको तो खुद को तुम आजाद करो। पानी है सफलता जो तुमको तो खुद को तुम आजाद करो।
तृतीय राष्ट्रीय ध्वज हुआ निर्मित, फहराए डॉ एनी बेसेंट व तीलक भाई।। तृतीय राष्ट्रीय ध्वज हुआ निर्मित, फहराए डॉ एनी बेसेंट व तीलक भाई।।
क्या खोया क्या पाया बहुत दिनों के बाद आज फिर अपने आप से, बात करने का मौका मिला। क्या खोया क्या पाया बहुत दिनों के बाद आज फिर अपने आप से, बात करने का मौ...
अगर आप ने सच्चे मन निःस्वार्थ भाव से कर्म किया, तो उसका फल आपको अवश्य मिलेगा, अगर आप ने सच्चे मन निःस्वार्थ भाव से कर्म किया, तो उसका फल आपको अवश्य ...
सुबह सुबह उनींदी आंखों से खोला जब दरवाज़ा मैंने। सुबह सुबह उनींदी आंखों से खोला जब दरवाज़ा मैंने।
मूल शंकर गुरु को दे वचन, संपूर्ण देश में भ्रमण किए।। प्रवेश कर हर मूल शंकर गुरु को दे वचन, संपूर्ण देश में भ्रमण किए।। प्रव...
संसार का एकमात्र आश्चर्य अतः नारी जीवन गौरवपूर्ण बनाये सदगुणों अपना। संसार का एकमात्र आश्चर्य अतः नारी जीवन गौरवपूर्ण बनाये सदगुणों अपना।