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Shabbar Raza

Romance

3  

Shabbar Raza

Romance

जीवन संगनी

जीवन संगनी

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तुम मेरी ज़िंदगी की बहार हो

तुम ही मेरी ग़ज़ल

तुम ही मेरा प्यार हो

तुम ही मेरा संजीत

तुम ही जीवन का सार हो


तुम बिन अधूरी है ज़िंदगी

तुम ही मेरा माझी

तुम ही नदिया की धार हो


तुम ही सफलता 

तुम ही मेरा संसार हो

प्रेम की सच्ची मूरत हो तुम

तुम ही मेरी पहली तमन्ना 

तुम ही मेरा सच्चा यार हो


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