STORYMIRROR

Shabbar Raza

Romance

3  

Shabbar Raza

Romance

किताब

किताब

1 min
197

तेरे चेहरे पर एक किताब लिखने को जी चाहता है|

तेरी मुसकुराहट पे जान देने को जी चाहता है।


कोई किताब जब भी देखता हूँ तेरा चेहरा नज़र आता है।

जानेमन तू मुझे फरिश्तों से बढ़ कर नज़र आता है।


यूँ तो दुनिया में किताबें बहुत हैं।

पर तेरे मन में समां जाऊँ ये मेरे लिए बहुत है।


किताबें पढ़ने से जीवन सफल होता है।

पर मेरा जीवन तो तेरे आस पास ही रहता है।


कौन सी किताब तेरे आगे अच्छी है।

तू प्यार कि किताब है, और सबसे सच्ची है।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance